एक दीपक दूसरे दीपक को तब तक नहीं जला सकता है, जब तक कि वह स्वयं न जल रहा हो, उसी प्रकार एक शिक्षक तब तक सच्ची शिक्षा प्रदान नहीं कर सकता, जब तक कि स्वयं अध्ययन न कर रहा हो I
-- रवींन्द्र नाथ टैगोर

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DIET History

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट ) गम्हरिया प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण हेतु एक सरकारी संस्थान है l यह आदित्यपुर कांड्रा मुख्य मार्ग से 50 मीटर दूरी पर स्थित हैl इसकी स्थापना 1956 ई में हुई है l वर्ष 2002 में इस संस्थान को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के रूप में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद भुवनेश्वर,एनसीआरटी ईस्टर्न रीजन से मान्यता प्राप्त हुआ है l यहाँ प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण के तहत सेवापूर्व छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाता है l इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर छात्राएँ कई सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा दे रही है l कई छात्राएँ प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवा से समाज में शिक्षा का अलख जगा रही हैं l शहरी क्षेत्र में स्थित यह संस्थान 6.57 एकड़ जमीन में फैला हुआ है l इसमें 53 17.57 वर्ग मीटर क्षेत्र में भवन निर्मित है l इसका लेटीट्यूड 22.81108 एवं लोंगिट्यूड 86.11174 है l
यह संस्थान टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के नाम से भी जाना जाता हैl

प्राचार्य

प्राचार्य का संदेश

“शिक्षा, ज्ञान के साथ-साथ चरित्र, कौशल एवं मूल्यों के समन्वित विकास की प्रक्रिया है।”
प्रिय अभ्यर्थियों, अभिभावकों एवं आगंतुकों, हमारे डी. एल.एड. महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आपका स्वागत है।
महाविद्यालय का मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-प्रशिक्षण प्रदान करते हुए ऐसे दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी शिक्षकों का निर्माण करना है, जो बदलते शैक्षिक परिदृश्य में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका केवल विषय-वस्तु के संप्रेषण तक सीमित नहीं है, अपितु वह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
महाविद्यालय में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत शिक्षार्थियों को नवीन शिक्षण-पद्धतियों, शैक्षिक नवाचारों, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग, अनुसंधान अभिरुचि तथा व्यावसायिक नैतिकता के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही, व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं विद्यालय-आधारित अनुभवों के माध्यम से उन्हें शिक्षण-कौशल में दक्ष बनाया जाता है।
हम इस बात के प्रति प्रतिबद्ध हैं कि हमारे शिक्षार्थी न केवल शैक्षणिक दृष्टि से सक्षम बनें, बल्कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरक बनकर उभरें।

“श्रेष्ठ शिक्षक, सशक्त समाज की आधारशिला।”

कैलाश मिश्रा
प्राचार्य
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान,
गम्हरिया, सरायकेला-खरसावां l

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