“शिक्षा, ज्ञान के साथ-साथ चरित्र, कौशल एवं मूल्यों के समन्वित विकास की प्रक्रिया है।”
प्रिय अभ्यर्थियों, अभिभावकों एवं आगंतुकों, हमारे डी. एल.एड. महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आपका स्वागत है।
महाविद्यालय का मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-प्रशिक्षण प्रदान करते हुए ऐसे दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी शिक्षकों का निर्माण करना है, जो बदलते शैक्षिक परिदृश्य में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका केवल विषय-वस्तु के संप्रेषण तक सीमित नहीं है, अपितु वह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
महाविद्यालय में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत शिक्षार्थियों को नवीन शिक्षण-पद्धतियों, शैक्षिक नवाचारों, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग, अनुसंधान अभिरुचि तथा व्यावसायिक नैतिकता के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही, व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं विद्यालय-आधारित अनुभवों के माध्यम से उन्हें शिक्षण-कौशल में दक्ष बनाया जाता है।
हम इस बात के प्रति प्रतिबद्ध हैं कि हमारे शिक्षार्थी न केवल शैक्षणिक दृष्टि से सक्षम बनें, बल्कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरक बनकर उभरें।

“श्रेष्ठ शिक्षक, सशक्त समाज की आधारशिला।”

कैलाश मिश्रा
प्राचार्य
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान,
गम्हरिया, सरायकेला-खरसावां l

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एक दीपक दूसरे दीपक को तब तक नहीं जला सकता है, जब तक कि वह स्वयं न जल रहा हो, उसी प्रकार एक शिक्षक तब तक सच्ची शिक्षा प्रदान नहीं कर सकता, जब तक कि स्वयं अध्ययन न कर रहा हो I
-- रवींन्द्र नाथ टैगोर