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डायट गम्हरिया में जिला स्तरीय तीन दिवसीय TLM कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी का भव्य समापन

सरायकेला-खरसावां जिले के डायट गम्हरिया में दिनांक 12 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक आयोजित जिला स्तरीय तीन दिवसीय गैर-आवासीय TLM (Teaching Learning Material) कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी का शनिवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य सह जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में प्रभारी प्राचार्य श्री पंकज कुमार ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यशाला की नियमावली से प्रतिभागी शिक्षकों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों से आए 20-20 शिक्षकों को समूह बनाकर कार्य करना है। प्रत्येक समूह ने अपने ग्रुप लीडर का चयन करते हुए भाषा, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के लिए अलग-अलग समूह बनाकर कार्य किया।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिक्षकों ने पहले कक्षा एवं विषय का चयन किया और फिर पाठ्यपुस्तकों से उपयुक्त शीर्षक लेकर दो दिनों तक समूह में विचार-विमर्श करते हुए TLM (शिक्षण-अधिगम सामग्री) का निर्माण किया। बनाए गए TLM की आकर्षक प्रदर्शनी 14 मार्च 2026 को डायट परिसर में लगाई गई, जिसमें शिक्षकों की सृजनात्मकता और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला।
प्रदर्शनी में विषयवार श्रेष्ठ TLM के चयन हेतु निर्णायक मंडल में
विज्ञान विषय के लिए जमशेदपुर वीमेंस विश्वविद्यालय के बी.एड विभाग से डॉ. निशा (असिस्टेंट प्रोफेसर),
भाषा विषय के लिए रम्भा कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कल्याणी,
सामाजिक विज्ञान के लिए को-ऑपरेटिव कॉलेज के डॉ. राजू ओझा (असिस्टेंट प्रोफेसर) उपस्थित रहे।
सभी निर्णायकों का स्वागत संस्थान के संकाय सदस्य आर. लक्ष्मण राव तथा लिपिक प्रभात कुमार मांझी द्वारा शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागी शिक्षकों की प्रदर्शनी के साथ-साथ हर्ष जोहार कार्यक्रम की वरिष्ठ कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती प्रीति मिश्रा, पिरामल ग्रुप एंड फाउंडेशन के श्री निशांत तथा गांधी फेलो श्री यश ठाकुर ने भी अपने TLM प्रस्तुत कर शिक्षकों को नवाचारी शिक्षण विधियों के प्रति जागरूक किया।
श्रेष्ठ प्रदर्शनी प्रस्तुत करने वाले प्रखंडों की सूची इस प्रकार है—
भाषा विषय
प्रथम – कुचाई
द्वितीय – राजनगर
तृतीय – खरसावां
विज्ञान विषय
प्रथम – कुकड़ू
द्वितीय – राजनगर
तृतीय – गम्हरिया
सामाजिक विज्ञान विषय
प्रथम – कुचाई
द्वितीय – सरायकेला
तृतीय – गम्हरिया
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के संकाय सदस्य पंकज कुमार, आर. लक्ष्मण राव, डॉ. मनीला कुमारी, अनुभा सिंह, सीमा कुमारी, प्रधान लिपिक प्रभात कुमार मांझी, कंप्यूटर ऑपरेटर राजकिशोर कुम्भकार, प्रखंड साधन सेवी मनोज महतो, रेखा कुमारी, संकुल साधन सेवी रोशन कुमारी, आदेशपाल दशरथ महतो, राजकिशोर महतो, जवाहर राम, माइक ऑपरेटर तथा अन्य सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ शिक्षकों को नवाचारी शिक्षण सामग्री विकसित करने, अनुभव साझा करने तथा कक्षा-शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं।

एक दीपक दूसरे दीपक को तब तक नहीं जला सकता है, जब तक कि वह स्वयं न जल रहा हो, उसी प्रकार एक शिक्षक तब तक सच्ची शिक्षा प्रदान नहीं कर सकता, जब तक कि स्वयं अध्ययन न कर रहा हो I
-- रवींन्द्र नाथ टैगोर