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Theme/Subject: (School Education/Teacher Education/Science Education/Language Education/ Value Education/Education Technology/Inclusive Education/Educational Psychology/Gender Education and Allied Subject) |
School Education |
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Stage of Education: (Foundation/Preparatory/Middle/Secondary/All Stages) |
Secondary |
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Topic of Research: |
सरायकेला-खरसावाँ के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की शिक्षक अभिप्रेरणा और कार्य संतुष्टि का विद्यार्थिंयों के सीखने के प्रतिफल पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण |
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Name and address of the Investigator(s) with Email ID: |
Dr Manila Kumari, Anubha Singh Somnath Mondal DIET Gamharia, Seraikela-Kharsawan manilakumari70@gmail.com |
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Name of the Institution where the research was conducted |
एस एस +2 उच्च विद्यालय, गम्हरिया बुनियादी मध्य विद्यालय उ0म0वि0 उत्तमडीह उ0म0वि0 सीतारामपुर म0वि0 प्रखंड मुख्यालय उ0म0वि0 सालडीह उ0म0वि0 हथियाडीह उ0म0वि0 हरिहरपुर रा0म0वि0 उदयपुर अभ्यास बालिका मध्य विद्यालय गम्हरिया उ0उ0वि0 ईटापोखर उ0म0वि0 हेंसल उ0म0वि0 एदल उ0म0वि0 जिलिंग्दा आ0 म0 वि0 कुचाई म0वि0 बड़बिल उ0म0वि0 दूधी उ0म0वि0 बुंडू उ0म0वि0 पुरियारा म0वि0 डोबो |
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Category: (Research study/ Action Research / Others) |
Applied Research |
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Language of Research Report: |
HINDI |
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Year of Completion: |
2025 |
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Published / Unpublished |
Printed |
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Introduction: विद्यार्थिर्यो का मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षिक सफलता से ही शिक्षा के विकास का पैमाना तय किया जा सकता है। विद्यार्थियों के मानसिक विकास एवं शैक्षिक सफलता को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय में विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम (SHWP) लागू किया गया है। इसके तहत विद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के आकलन के साथ-साथ सचेतन का कार्य भी किया जाता है, ताकि विद्यार्थी तनावमुक्त रहते हुए अध्ययन कर सके। SHWP का विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षिक सफलता को प्रोत्साहित करने हेतु भूमिका का अध्ययन करना अत्यधिक आवश्यक है, ताकि यह ज्ञात किया जा सके कि यह कार्यक्रम विद्यालय में कितना प्रभावी है। विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम (SHWP) - केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया है।विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय जाने वाले बच्चों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता पैदा करना और विद्यालय स्तर पर संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों केा प्रोत्साहित करना है।SHWP कार्यक्रम के तहत कुल 16 माड्यूल 16 विषयों पर किशोर-किशोरियों के भावी जीवन को प्रभावित करने उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिनके विषय हैं- 1. स्वास्थ्य बढ़ना 2. भावनात्मक कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य 3. पारस्परिक संबंध 4. मूल्य और नागरिकता 5. लैंगिक समानता 6. पोषण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता 7. मादक पदार्थो के दुरूपयोग की रोकथाम और प्रबंधन 8. स्वस्थ्य जीवन शैली 9. प्रजनन स्वास्थ्य और एच0 आई0 वी0 वी0 रोकथाम 10. हिंसा और चोट के खिलाफ सुरक्षा 11. इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के उपयोग का बढ़ावा देना। 12. सामाजिक एवं भावनात्मक सीख की समझना 13. मानव तस्तकरी 14. दहेज प्रथा 15.बालविवाह एवं कम उम्र में गर्भधारण 16. सड़क सुरक्षा। इनमें कई ऐसे विषय हैं जो विद्यालय में आनेवाली किशोरी छात्राओं से सीधे संबंधित है जिसके जागरूकता के अभाव में उनका भावी जीवन एवं क्रियाशील अध्यापन अवधि सीधा प्रभावित होता है। |
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Objective: इस अध्ययन के निम्न उद्देश्य हैं - · शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य का अध्ययन करना । · ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य का अध्ययन करना । · शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षिक सफलता का अध्ययन करना। · ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षिक सफलता का अध्ययन करना। · SHWP के प्रति शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की जागरूकता का अध्ययन करना । · SHWP के प्रति ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की जागरूकता का अध्ययन करना। · SHWP के कारण शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों के सचेतनता का अध्ययन करना । · SHWP के कारण ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के सचेतनता का अध्ययन करना । |
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Methodology: यह शोध एक अनुप्रयुक्त अनुसंधान है। इसमें गुणात्मक डाटा प्रश्नावली सर्वेक्षण का प्रयोग करते हुए प्राप्त किया गया । गुणात्मक मान को सांख्यिकीय मान में परिवर्तित किया गया। सभी प्राप्त गुणात्मक डाटा का प्रतिशत निकालकर उसे दंड चार्ट एवं पाई चार्ट की सहायता से दर्शाया गया। प्रदत्त संकलन के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षिक सफलता अनुस्थिति मापनी और SHWP एवं सचेतन अनुस्थिति मापनी का निर्माण करते हुए उसका इस्तेमाल किया गया। प्रत्येक चयनित विद्यालय में जाकर कक्षा-6 से कक्षा-9 तक के कुल उपस्थित विद्यार्थियों से यादृच्छिक रूप से 40 विद्यार्थियों का चयन करते हुए उन्हें एक कक्षा में बैठाकर उनसे पूर्व में निर्मित मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षिक सफलता अनुस्थिति मापनी और SHWP एवं सचेतन अनुस्थिति मापनी भरवाया गया। प्रदत्तों के विश्लेषण हेतु प्राप्त प्रदत्तों का औसत निकालकर एक्सेल की सारणी में प्रदर्शित करते हुए प्रतिशत निकाला गया। मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षिक सफलता अनुस्थिति मापनी और SHWP के प्रति जागरूकता एवं सचेतन को दंड चार्ट एवं वृत्त चार्ट के माध्यम से दर्शाया गया। |
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Findings: दस शहरी विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के कारण विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर है। प्रत्येक विद्यालय से प्राप्त आँकड़ों का औसत निकाल कर प्रतिशत निकाला गया तो पाया गया कि 54 प्रतिशत विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हुआ हैI दस शहरी विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 69 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के कारण विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि बेहतर हुई है। दस शहरी विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 84 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के प्रति विद्यार्थी जागरूक हैं। दस शहरी विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 77 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के कारण सचेतनता आयी है। दस ग्रामीण विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 72 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के कारण विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि बेहतर है। दस ग्रामीण विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 69 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के कारण विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि बेहतर हुई है। दस ग्रामीण विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 80 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के प्रति विद्यार्थी जागरूक हैं। दस ग्रामीण विद्यालयों से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् यह पाया गया कि 69 प्रतिशत विद्यार्थियों का पूर्णरूपेण एवं आंशिक रूप से मानना है कि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के कारण सचेतनता आयी है। |
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Implication: प्राप्त परिणामों से यह ज्ञात होता है कि जिले के मध्य विद्यालयों में संचालित विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षिक उपलब्धि, कार्यक्रम के प्रति जागरूकता एवं सचेतनता को बेहतर बनाने में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। शिक्षकों को विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम की जानकारी देने एवं एवं उसे सुचारू रूप से क्रियांन्वित करने के लिए कार्यशाला/सम्मेलनों का आयोजन किया करना होगा, ताकि शिक्षक कार्यक्रम के संचालन में सक्रिय भागीदार बनें और विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि बेहतर हो सके। विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहने पर वे पठन-पाठन एवं सर्वांगीण विकास पर ध्यान देंगे, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षिक उपलब्धि बेहतर होगी और वे देश के सुयोग्य नागरिक बन पाएँगे। शिक्षकों को कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु सक्रिय रखने के लिए समय-समय पर उनकी समस्याओं का आकलन करते हुए उसका निराकरण करना अत्यावश्यक है। |
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Abstract Prepared/Submitted By: Dr Manila Kumari, Anubha Singh, Somnath Mondal Official Address:DIET, Gamharia, Seraikela-Kharsawan Email:manilakumari70@gmail.com Phone: 7004312761 |
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Keywords: (Maximum 6 words) · विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम · मानसिक स्वास्थ्य · शैक्षिक उपलब्धि एवं सचेतनता |
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