Sl. No.

TOPICS

DESCRIPTION

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Theme/Subject:

School Education

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Stage of Education:

Secondary

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Topic of Research:

सरायकेला-खरसावाँ जिले के माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों पर स्मार्टफोन के लत का प्रभाव का अध्ययन

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Name and address of the Investigator(s) with Email ID:

 

Name of the Institution where the research was conducted:

 

 

 

 

 

Category:

(Research study/Action Research / Others)

Pankaj Kumar,

DIET Gamharia, Seraikela-Kharsawan

pankajkumar322d@gmail.com

 

1. एस.एस.+2 उच्च विद्यालय, चाण्डिल

2. राजकीय +2 उच्च विद्यालय, तिरुलडीह

3. एस.एस.+2 उच्च विद्यालय, गम्हरिया

4. एस.एस.+2 उच्च विद्यालय, खरसावाँ

5. राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, कुचाई

6. अनुग्रह नारायण +2 उच्च विद्यालय, पिलिद

7. +2 उच्च विद्यालय, रघुनाथपुर

8. एस.एस. +2 उच्च विद्यालय, राजनगर

9. सीएम. एसओई.के.जी.बी.भी. सरायकेला

 

Other (Applied Research)

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Language of Research Report:

 

Year of Completion:

HINDI

 

2026

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Published / Unpublished:

Printed

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Introduction:

वर्तमान युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। विज्ञान ने मानव जीवन को जितना सरल, सुविधाजनक और तेज बनाया है, उतना ही नई समस्याएँ भी उत्पन्न की हैं। आज की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती समस्याओं में एक है स्मार्टफोन की लत। विशेष रूप से यह समस्या माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों में अधिक देखने को मिल रही है।

 

इस आयु में विद्यार्थियों को अनुशासन, एकाग्रता, अध्ययन की आदत और सामाजिक व्यवहार सीखना होता है। परन्तु स्मार्टफोन का अत्यधिक और अनियंत्रित प्रयोग इन सभी पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। आज के अधिकांश विद्यार्थी खाली समय ही नहीं बल्कि पढ़ाई के समय, भोजन के समय और यहाँ तक कि सोने से पहले भी स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं। धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। जिससे विद्यार्थी वास्तविक जीवन से कट जाते हैं, परिणामस्वरुप उनका शैक्षणिक प्रदर्शन गिरने लगता है। मानसिक और भावनात्मक रूप से छात्र कमजोर हो जाते हैं तथा सामाजिक संबंध कमजोर होने लगते हैं।

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Objective:

इस अध्ययन के निम्न उद्देश्य हैं-

• स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना।

• स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना।

• स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के मानसिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना।

• स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना।

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Methodology:

यह सर्वेक्षण अनुसंधान है जो वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक है। इसमें गुणात्मक आँकड़ों को मात्रात्मक आँकड़े में परिवर्तित करते हुए परिणाम को दर्शाया गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों के +2 उच्च विद्यालयों का चयन किया गया। प्रत्येक विद्यालय के कक्षा 09 एवं 10 के कुल 40-40 विद्यार्थियों का चयन यादृच्छिक विधि से किया गया। सर्वेक्षण के साधन के रूप में Smart Phone Addiction Scale का इस्तेमाल किया गया।

 

सांख्यिकीय विधियों के तहत औसत निकाल कर उन्हें दण्ड चार्ट के सहायता से दर्शाया गया। मानक विचलन एवं Z-SCORE भी बताया गया।

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Findings:

सरायकेला-खरसावाँ जिले के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों से यह ज्ञात होता है कि स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रदर्शन पर 47.38% प्रभाव पड़ता है। स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के शारीरिक प्रदर्शन पर 44.25% प्रभाव पड़ता है। स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के मानसिक प्रदर्शन पर 45.71% प्रभाव पड़ता है। स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के सामाजिक प्रदर्शन पर 45.18% प्रभाव पड़ता है।

 

SAS-VAM Table-7 के अनुसार सरायकेला-खरसावाँ जिले माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों के प्रतिशत से स्पष्ट परिलक्षित होता है कि स्मार्टफोन के लत का बच्चों के शैक्षिक, शारीरिक, मानसिक एंव सामाजिक प्रदर्शन पर औसत से कम प्रभाव पड़ता है।

 

सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात यह पाया गया कि स्मार्टफोन की लत विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रदर्शन पर 47.38% प्रभाव डालता है, जो पूर्व में निर्धारित की गई परिकल्पना "स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है" का समर्थन करता है।

 

सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात यह पाया गया कि स्मार्टफोन की लत विद्यार्थियों के शारीरिक प्रदर्शन पर 44.25% प्रभाव डालता है, जो पूर्व में निर्धारित की गई परिकल्पना "स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के शारीरिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है" का समर्थन करता है।

 

सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात यह पाया गया कि स्मार्टफोन की लत विद्यार्थियों के मानसिक प्रदर्शन पर 45.71% प्रभाव डालता है, जो पूर्व में निर्धारित की गई परिकल्पना "स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के मानसिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है" का समर्थन करता है।

 

सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात यह पाया गया कि स्मार्टफोन की लत विद्यार्थियों के सामाजिक प्रदर्शन पर 45.18% प्रभाव डालता है, जो पूर्व में निर्धारित की गई परिकल्पना "स्मार्टफोन की लत का विद्यार्थियों के सामाजिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है" का समर्थन करता है।

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Implication:

इस शोध अध्ययन से यह ज्ञात हुआ कि सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्र-छात्राओं में स्मार्टफोन की लत छात्र-छात्राओं के शैक्षिक, शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रदर्शन को प्रभावित करता है। समस्या के समाधान के लिए सर्वप्रथम छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन के सही उपयोग की जानकारी देनी होगी, ताकि वे स्मार्टफोन के लत से बच सकें और शैक्षिक, शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रदर्शन बेहतर कर सकें।

 

अभिभावकों को स्मार्टफोन के सही उपयोग की जानकारी देनी होगी, ताकि उनके बच्चे स्मार्टफोन के लत से बच सकें और शैक्षिक, शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रदर्शन बेहतर कर सकें।

 

शिक्षक द्वारा बच्चों को स्मार्टफोन के सही उपयोग की जानकारी देनी होगी, ताकि वे स्मार्टफोन के लत से बच सकें और शैक्षिक, शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रदर्शन बेहतर कर सकें।

 

सभी बच्चों को स्मार्टफोन के साथ अकेले काम करने देने के बजाय अभिभावकों के समक्ष स्मार्टफोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन विद्यालयों में किया जाना होगा।

 

समस्या के समाधान के लिए एक एकीकृत, बहुस्तरीय और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों, स्थानीय समुदाय और सरकारी तंत्र सभी की सक्रिय भागीदारी शामिल हो।

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Abstract Prepared/Submitted By:

Official Address:

Email:

Phone:

Pankaj Kumar

DIET, Gamharia, Seraikela-Kharsawan

pankajkumar322d@gmail.com

9431753237

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Keywords: (Maximum 6 words)

1. स्मार्टफोन की लत

2. शैक्षिक प्रदर्शन

3. सामाजिक प्रदर्शन

4. मानसिक प्रदर्शन

5. शारीरिक प्रदर्शन

6. माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी

एक दीपक दूसरे दीपक को तब तक नहीं जला सकता है, जब तक कि वह स्वयं न जल रहा हो, उसी प्रकार एक शिक्षक तब तक सच्ची शिक्षा प्रदान नहीं कर सकता, जब तक कि स्वयं अध्ययन न कर रहा हो I
-- रवींन्द्र नाथ टैगोर