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Sl. No. |
TOPICS |
DESCRIPTION |
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1 |
Theme/Subject: |
School Education |
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Stage of Education: |
Secondary |
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Topic of Research: |
सरायकेला-खरसावाँ जिले के माध्यमिक कक्षा के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि का अध्ययन |
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4 5 6 |
Name and address of the Investigator(s) with Email ID:
Name of the Institution where the research was conducted:
Category: (Research study/ Action Research / Others) |
R. Lakshman Rao DIET Gamharia, Seraikela-Kharsawan rajnalalakshman1986@gmail.com
सरायकेला-खरसावाँ (सभी 9 प्रखंड से एक-एक विद्यालय, गम्हरिया प्रखंड से दो विद्यालय का चयन किया गया): 1. एस. एन. उच्च विद्यालय, आदित्यपुर 2. राजकीयकृत वार्षेणी +2 उच्च विद्यालय, सीनी 3. +2 उच्च विद्यालय, कुचाई 4. एस. एस. +2 उच्च विद्यालय, दलभंगा, कुचाई 5. उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बुरुडीह, खरसावाँ 6. एस. एस. +2 उच्च विद्यालय, राजनगर 7. उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय, कपाली, चाण्डिल 8. विक्रमादित्य +2 उच्च विद्यालय, ईचागढ़ 9. राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, सिरुम 10. उत्क्रमित उच्च विद्यालय, लुपुंगडीह, नीमडीह
Other (Applied Research) |
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7 8 |
Language of Research Report:
Year of Completion: |
HINDI
2026 |
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Published / Unpublished: |
Printed |
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Introduction: |
वर्तमान युग ज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का युग है, जिसमें शिक्षा का महत्व निरंतर बढ़ता जा रहा है। शिक्षा न केवल व्यक्ति के बौद्धिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह उसके सामाजिक, नैतिक एवं भावनात्मक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किसी भी शिक्षण अधिगम प्रक्रिया की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि किस स्तर की है।
रुचि एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक तत्व है, जो विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करता है। जब विद्यार्थी किसी विषय या गतिविधि में रुचि लेते हैं, तो वे अधिक सक्रिय, एकाग्र और उत्साहित होकर सीखने में संलग्न होते हैं। इसके विपरीत, रुचि के अभाव में अधिगम प्रक्रिया नीरस और अप्रभावी हो जाती है। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि का अध्ययन अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
सरायकेला-खरसावाँ जिला एक अर्ध-शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र है, जहाँ शैक्षणिक संसाधनों, पारिवारिक पृष्ठभूमि, सामाजिक परिवेश तथा आर्थिक स्थिति जैसे अनेक कारक विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि को प्रभावित करते हैं। यहाँ के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की रुचि का स्तर, उनकी शैक्षणिक उपलब्धि एवं भविष्य की दिशा को प्रभावित करता है। सरायकेला-खरसावाँ जिला के संदर्भ में विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि पर विशेष अध्ययन का अभाव है। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शोध आवश्यक है।
यदि विद्यार्थियों की रुचि के स्तर और उसके कारकों को समझा जाए, तो शिक्षण विधियों को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा सकता है। स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने विद्यार्थियों की अध्ययन आदतों को प्रभावित किया है। इस प्रभाव का अध्ययन करना आवश्यक है। रुचि और उपलब्धि का गहरा संबंध है। विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ाकर उनकी शैक्षणिक सफलता को भी बेहतर बनाया जा सकता है। अतः उपर्युक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक हो जाता है कि सरायकेला-खरसावाँ जिले के माध्यमिक कक्षा के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि का गहन अध्ययन किया जाए, ताकि उनकी रुचि को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान की जा सके और शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाया जा सके। |
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Objective: |
इस अध्ययन के निम्न उद्देश्य हैं- 1. माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि का अध्ययन करना। 2. कृषि/वाणिज्य/ललित कला/गृह विज्ञान/मानविकी/विज्ञान क्षेत्र में रुचि का अध्ययन करना। |
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Methodology: |
यह अनुसंधान एक विवरणात्मक अनुसंधान है। यह सर्वेक्षण विधि पर आधारित मिश्रित प्रणाली से संबंधित शोध है, जो सरायकेला-खरसावाँ जिले में माध्यमिक कक्षा के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि के अध्ययन पर आधारित है।
आँकड़ों के संग्रह हेतु विद्यार्थियों से Manual for Educational Interest Record (EIR-KS) भरवाते हुए आँकड़ों का संग्रह किया गया। सांख्यिकीय मापनी के रूप में औसत निकाल कर उन्हें दंड आरेख की सहायता से प्रदर्शित किया गया।
न्यादर्श के रूप में सरायकेला-खरसावाँ जिले के सभी प्रखंडों में स्थित कुल 59 उच्च विद्यालयों से 10 विद्यालय का चयन किया गया। प्रत्येक विद्यालय के कक्षा 10 से कुल 40 विद्यार्थियों का चयन यादृच्छिक रूप से लाटरी विधि से किया गया। |
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Findings: |
सरायकेला-खरसावाँ जिले के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से प्राप्त आँकड़ों में विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति रुचि का विवरण निम्नानुसार प्राप्त हुआ: • कृषि क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 12.25 है। • वाणिज्य क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 11.97 है। • ललित कला क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 11.68 है। • गृह विज्ञान क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 12.22 है। • मानविकी क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 11.94 है। • विज्ञान क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 12.35 है। • तकनीकी क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि का औसतांक 11.60 है।
प्राप्त आँकड़े यह दर्शाते हैं कि सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्रों की रुचि विविध क्षेत्रों (कृषि, वाणिज्य, ललित कला, गृह विज्ञान, मानविकी एवं विज्ञान) में है। |
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Implication: |
इस शोध अध्ययन से यह ज्ञात हुआ कि सरायकेला-खरसावाँ जिले के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के सभी क्षेत्रों (कृषि, वाणिज्य, ललित कला, गृह विज्ञान, मानविकी, विज्ञान) के प्रति उच्च रुचि है। इस निष्कर्ष के आधार पर पाठ्यचर्या, शिक्षण विधियों और मार्गदर्शन कार्यक्रमों को इन विविध रुचियों के अनुरूप तैयार कर छात्रों की समग्र शैक्षणिक उपलब्धि को सुदृढ़ किया जा सकता है। |
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Abstract Prepared/Submitted By: Official Address: Email: Phone: |
R Lakshman Rao DIET, Gamharia, Seraikela-Kharsawan rajnalalakshman1986@gmail.com 7903052067 |
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Keywords: (Maximum 6 words) |
1. विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि 2. कृषि के प्रति रुचि 3. वाणिज्य के प्रति रुचि 4. ललित कला के प्रति रुचि 5. गृह विज्ञान के प्रति रुचि 6. मानविकी के प्रति रुचि |