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Theme/Subject: (School Education/Teacher Education/Science Education/Language Education/ Value Education/Education Technology/Inclusive Education/Educational Psychology/Gender Education and Allied Subject) |
School Education |
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Stage of Education: (Foundation/Preparatory/Middle/Secondary/All Stages)
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Secondary |
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Topic of Research: |
सरायकेला जिले के माध्यमिक विद्यालयों की छात्राओं में SHWP के प्रभाव का अध्ययन’’ |
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Name and address of the Investigator(s) with Email ID: |
Amrendra Kumar Singh & Dr Manila Kumari DIET Faculty, DIET GAMHARIA, SERAIKELA-KHARSAWAN
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Name of the Institution where the research was conducted |
एस एन उच्च विद्यालय, आदित्यपुर के जी बी भी गम्हरिया प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, गम्हरिया उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय, बनसा उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय, कोलाबीरा राजकीय+2 उच्च विद्यालय, खरसावाँ |
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Category: (Research study/ Action Research / Others) |
Research Study |
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Language of Research Report: |
Hindi |
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Year of Completion: |
2024 |
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Published / Unpublished |
Printed Copy |
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Introduction:
विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम (SHWP) - केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसके तहत विद्यालयों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जाएगा।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय जाने वाले बच्चों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता पैदा करना और विद्यालय स्तर पर संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों केा प्रोत्साहित करना है। इसके अन्तर्गत राज्य के 19 आकांक्षी जिले में पूर्व में इस कार्यक्रम की शुरूआत, आनलाइन माध्यम से संपन्न हुई। कार्यक्रम के तहत कुल 16 माड्यूल पर (16 विषयों) पर आरोग्य दूतों को पूर्व प्रशिक्षित जिला साधन सेवियों पर प्रशिक्षित किया गया। संबंधित विषय को किशोर-किशोरियों के भावी जीवन को प्रभावित करने उद्देश्य से तैयार किया गया है ये विषय हैं- 1. स्वस्थ्य बढ़ना 2. भावनात्मक कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य 3. पारस्परिक संबंध 4. मूल्य और नागरिकता 5. जेंडंर समानता 6. पोषक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता 7. मादक पदार्थो के दुरूपयोग की रोकथाम और प्रबंधन 8. स्वस्थ्य जीवन शैली 9. प्रजनन स्वास्थ्य और एच0 आई0 वी0 वी0 रोकथाम 10. हिंसा और चोट के खिलाफ सुरक्षा 11. इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के उपयोग का बढ़ावा देना। 12. सामाजिक एवं भावनात्मक सीख की समझना 13. मानव तस्तकरी 14. दहेज प्रथा 15. बालविवाह एवं कम उम्र में गर्भधारण 16. सड़क सुरक्षा। इनमें कई ऐसे विषय हैं जिससे विद्यालय में आनेवाली किशोरी छात्राओं से सीधे संबंधित है जिसके जागरूकता के अभाव में उनकी भावी जीवन एवं क्रियाशील अध्यापन अवधि सीधे प्रभावित होती थी। परन्तु जिले मैं प्रशिक्षण के उपरांत एवं विद्यालयों स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम का क्रियान्वयन का प्रभाव सकारात्मक एवं आशा के अनुरूप रहा है। इस अध्ययन के उद्देश्य के पूर्व इसकी पृष्ठभूमि जानना आवश्यक होगा। राष्ट्रीय स्तर हो या राज्य स्तर हो ‘‘ड्राप आउट दर एक बहुत बड़ी समस्या है। अर्थात् बीच में ही पढ़ाई या विद्यालय छोड़ देना। माध्यमिक स्तर पर ‘‘ड्राप आउट ‘‘ दर अधिक है। शिक्षा विभाग झारखण्ड सरकार की ओर से कहा गया है जिलावर ड्राप आउट बच्चों की संख्या की जानकारी प्राप्त कर इस पर अध्ययन कराया जाय इसका कारण जानकर सुधार किया जायेगा। |
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Objective: इस अध्ययन का उद्देश्य है-
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Methodology: जिले के विद्यालयों में प्रारंभ किए गए SHWP के प्रभावी क्रियान्वयन से छात्राओं पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन एक विवरणात्मक अनुसंधान है, जिसके लिए सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया I माध्यमिक विद्यालयों में प्रारंभ किए गए SHWP के प्रभावी क्रियान्वयन से छात्राओं पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने हेतु सर्वप्रथम चयनित विद्यालय के कक्षा 10 की 30-30 छात्राओं ( कुल-180) का न्यादर्श के रूप में चयन यादृच्छिक लाटरी विधि से किया गया। आँकड़ों का संग्रह अनुस्थिति मापनी भरवाते हुए किया गया है। SHWP के प्रभावी क्रियान्वयन से छात्राओं पर पड़ने वाले प्रभाव की प्रभावशीलता को दंडचार्ट की सहायता से दर्शाया गया। साथ ही प्रदत्तो का विश्लेषण करते हुए उसके प्रतिशत को वृत्त चार्ट की सहायता से दर्शाया गया है। |
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Findings: आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात् पाया गया कि
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Implication:
आँकड़ों के विश्लेषण के उपरांत पाया गया कि SHWP के कियान्वयन से छात्राएँ लैंगिक समानता, सामाजिक सुरक्षा एवं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई हैं। इस शोध से प्राप्त निष्कर्ष से यह ज्ञात होता है कि SHWP के कियान्वयन से छात्राओं में आत्मविश्वास की भावना बढ़ी है, वे अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त कर पा रही हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई हैं। विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम (SHWP) का क्रियान्वयन कक्षा 3 से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों में भी किया जाना चाहिए ताकि इस कार्यक्रम से कक्षा 3 से कक्षा 5 की छात्राएँ भी लाभान्वित हो सकें।
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Abstract Prepared/Submitted By: Amrendra Kumar Singh & Dr Manila Kumari
Official Address: DIET, GAMHARIA, SERAIKELA-KHARSAWAN dightgamharia1@gmail.com
Email: manilakumari70@gmail.com
Phone: 7004312761
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Keywords: (Maximum 6 words)
SHWP लैंगिक समानता
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