Theme/Subject:

(School Education/Teacher Education/Science Education/Language Education/ Value Education/Education Technology/Inclusive Education/Educational Psychology/Gender Education and Allied Subject)

School Education

Stage of Education:

(Foundation/Preparatory/Middle/Secondary/All Stages)

Middle & Secondary

Topic of Research:

जिले के प्राथमिक विद्यालयों में संचालित प्रोजेक्ट इम्पैक्ट कार्यक्रम के प्रति छात्र, शिक्षक एवं अभिभावकों के अभिवृति का अध्ययन।

Name and address of the Investigator(s) with Email ID:

Kishor Kumar Prasad

kishordietjsr@@gmail.com

Name of the Institution where the research was conducted

सरायकेला

खरसावां

कुचाई

राजनगर

निमडीह

कुकरू

ईचागढ़

गम्हरिया

चांडिल

सरायकेला(सभी 9 प्रखंड से एक-एक विद्यालय का चयन किया गया)

Category:

(Research study/ Action Research / Others)

Applied Research

Language of Research Report:

HINDI

Year of Completion:

2025

Published / Unpublished

Printed

Introduction:

  राज्य के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिये प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की शुरुआत किया गया। यह स्वतः व्यापक मूल्यांकन अभियान हैं। इसमें विद्यालयों को कई मानकों के आधार पर स्वतः मूल्यांकन के लिये राज्य शिक्षा परियोजना द्वारा दिये गये प्रपत्र को भरना होता है। इसमें मुख्यतः संस्थागत गतिविधियाँ, आदर्श प्रार्थना सभा का आयोजन, आदर्श कक्षा-कक्ष, आदर्श शिक्षक, दीवार लेखन, चेतना सत्र जैसे विभिन्न गतिविधियाँ शामिल है। हाउस निर्माण, बाल संसद का गठन, विभिन्न क्लब का निर्माण, परिसर की स्वच्छता, हरा-भरा परिसर, खेलकूद से संबंधित गतिविधि, शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय प्रबंधन समिति, दैनिक प्रार्थना सभाएँ, वर्ग कक्ष में अनुशासन, पठन-पाठन, विद्यालय का रख-रखाव समेत अन्य सांस्कृतिक व पाठ्येत्तर गतिविधियों का निरन्तर आयोजन, टोला टेगिंग जैसे कई मानक और उपमानक शामिल है।

प्रोजेक्ट इम्पैक्ट एन०ई०पी० के संचालन क्रियान्वयन हेतु कई प्रकार की  गतिविधियां निर्धारित की गई है जिसके फलस्वरुप विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के भौतिक विकास के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता का विकास, विद्यालय आने वाले के प्रति रुचि, विभिन्न प्रकार के जीवन कौशलों का विकास, अधिगम प्रतिफलों में सुधार इत्यादि कई प्रकार के प्रभावशाली कार्यो में रुचि बढ़ेगी। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं में सामाजिक कौशल तथा नैतिक मूल्यों का विकास एवं स्वअनुशासन तथा टीम वर्क की भावना का भी विकास हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट का मूल उद्देश्य एन०ई०पी० 2020 के मूल्यों को विद्यालयों में धरातल पर उतारना है।

Objective:

·       प्रोजेक्ट इम्पैक्ट कार्यक्रम के कार्यान्वयन और उसके परिणामों के प्रभाव का मूल्यांकन करना है।

·       शोध प्रश्नों के माध्यम से प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के प्रति शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं में ’’विद्यालय जागरुकता’’ का अध्ययन करना।

·       प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के तहत चलाए जा रहे ’’विद्यालय गतिविधियों का अध्ययन करना।

·       प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के प्रति छात्रों, शिक्षको एवं अभिभावकों में ’’अभिरुचि’’ का अध्ययन करना।

Methodology:

विद्यालय का चयन, आँकड़़ो का संग्रहण सर्वेक्षण विधि के तहत पूर्व निर्मित एवं मानकीकृत अनुस्थिति मापनी की सहायता से किया गया।

     आँकड़़ो के संग्रह के लिये अनुस्थिति मापनी का निर्माण किया गया । विशेषज्ञों की सहायता से अनुस्थिति मापनी को मानकीकृत कराया गया तदुपरांत गुणात्मक मान को सांख्यिकीय मान में परिवर्तित किया गया। प्राप्त आँकड़़ो को व्यवस्थित करने के उपरांत उनके विश्लेषण हेतु प्रतिशत एवं माध्य निकाला गया । सारणी, दण्ड चार्ट एवं वृत्त चार्ट की सहायता से आँकड़ों को व्यवस्थित किया गया। 

     प्रोजेक्ट इम्पैक्ट लागू होने से पूर्व की स्थिति से संबंधित आँकड़़ा अवकोलन एवं शिक्षक, अभिभावक एवं छात्रों से साक्षात्कार के माध्यम से प्राप्त किया गया। साक्षात्कार हेतु विशेषज्ञों की सहायता से प्रश्नों का निर्माण किया गया।

Findings:

·       आँकड़़ो के विश्लेषण से प्राप्त मान यह दर्शाते हैं कि पूर्व निर्धारित परिकल्पना प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के प्रति शिक्षक, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं में विद्यालय जागरुकता की भावना है।

·       61 फीसदी अभिभावकों में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की प्रति जागरुकता देखा गया।

·       88.80 फीसदी शिक्षक विद्यालय जागरुकता के प्रति संवेदनशील पाये गये।

·       95.5 फीसदी छात्रों में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के प्रति जागरुकता देखा गया।

·       आँकड़़ो के विश्लेषण से प्राप्त मान यह दर्शाते है कि पूर्व निर्धारित परिकल्पना प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के तहत चलायें जा रहें गतिविधियों में शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राऐं सम्मिलित होता हैं।

·       66.6 फीसदी अभिभावकों में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के तहत विद्यालय में चलने वाली गतिविधियों से अवगत हैं।

·       82 फीसदी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के तहत चलने वाली विद्यालय गतिविधि से अवगत हैं।

·       89 फीसदी छात्रों में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के तहत विद्यालय में चलने वाली गतिविधियों से अवगत हैं।

·       आँकड़़ो के विश्लेषण से प्राप्त मान यह दर्शाते है कि पूर्व निर्धारित परिकल्पना शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राऐं प्रोजेक्ट इम्पैक्ट कार्यक्रम में अभिरुचि रखते हैं।

·       प्रोजेक्ट इम्पैक्ट कार्यक्रम के प्रति 69.4 फीसदी अभिभावक रुचि रखते हैं।

·       82.5 फीसदी शिक्षक प्रोजेक्ट इम्पैक्ट कार्यक्रम के प्रति अभिरुचि रखते हैं।

·       प्राथमिक विद्यालयों में चलाये जा रहे कार्यक्रम के प्रति 90 फीसदी छात्र अपनी अभिरुचि रखते हैं।

Implication:

शोध यह साबित करने में सफल रहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण पद्धति में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े पैमाने पर प्रभाव डाल सकते हैं। शिक्षा के प्रति बच्चों का झुकाव बढ़ा है। सामुदायिक भागिदारी और माता पिता की भूमिका को बल मिला। शिक्षा प्रणाली में बदलाव के लिये प्रेरणा मिलें।

Abstract Prepared/Submitted By: Kishor Kumar Prasad

Official Address:DIET, Gamharia, Seraikela-Kharsawan

Email: kishordietjsr@gmail.com

Phone: 7992419426

Keywords: (Maximum 6 words)

·       Project IMPACT

·       विद्यालय जागरुकता

·       विद्यालय गतिविधि

·       अभिरुचि

एक दीपक दूसरे दीपक को तब तक नहीं जला सकता है, जब तक कि वह स्वयं न जल रहा हो, उसी प्रकार एक शिक्षक तब तक सच्ची शिक्षा प्रदान नहीं कर सकता, जब तक कि स्वयं अध्ययन न कर रहा हो I
-- रवींन्द्र नाथ टैगोर